सात घंटे की दुल्हन, दो मंदिरों को साक्षी मान की शादी, शाम 4 बजे घर आई, रात 11 बजे हो गई फरार
सिरोही। सरूपगंज थाना क्षेत्र के नितोड़ा गांव में 3.80 लाख रुपए नकद लेकर युवक के साथ शादी रचाने वाली एक युवती महज 7 घंटे ही अपने ससुराल में रही। दो मंदिरों में शादी से जुड़ी रस्में हुई। रामेश्वर महादेव मंदिर में युवती की मुंह दिखाई हुई। एक दिन बाद सारणेश्वर मंदिर में शादी हुई। निर्धारित रकम अदा करने के बाद युवती ने मंदिर में सजाए गए पाणिग्रहण संस्कार की तमाम औपचारिकता पूरी कर ली। फर्जी शादी रचाने वाली यह ठग युवती अपने कथित पति के घर मात्र 7 घंटे ही रुकी और रात में फरार हो गई। चौंकाने वाली बात तो यह है कि इस फर्जी शादी को रचाने का मुख्य सूत्रधार भी पंकज हत्याकांड में सुपारी लेने वाला आरोपी कांतिलाल माली ही था। एसपी के पास पहुंचे इस मामले में उन्होंने पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं। ठग युवती तथा उसके सहयोगियों की तलाश के लिए पुलिस ने दल बनाकर संभावित ठिकानों पर भेजे हैं। पुलिस के अनुसार नितोड़ा निवासी दिनेश कुमार पुत्र भानाराम घांची ने गत 10 फरवरी को मोनिका पुत्री चमनाराम घांची निवासी घांचियों का वास बांट रेवदर के साथ सिरोही के सारणेश्वर मंदिर सिरोही में शादी की थी। शादी करने से पहले माेनिका के साथ ही उसके पिता चमनाराम निवासी बांट रेवदर, कांतिलाल पुत्र सोनाराम माली निवासी रोहिड़ा व दो अन्य ने 3.80 लाख रुपए उससे नकद लिए थे।दिनेश घांची ने बताया कि शादी तय होने के बाद 10 फरवरी को उसकी मोनिका से मंदिर में शादी करवाई। इसके बाद वे सिरोही कलेक्ट्रेट पहुंचे और यहां पर शादी के शपथ-पत्र तैयार करवाए। सभी लोग उनके साथ ही थे। इस दौरान उसने शादी के विवाह विलेख, शपथ पत्र सिरोही नोटरी से तस्दीक कराए।
पंकज हत्या में सुपारी लेने वाला कांतिलाल ही था दलाल
इस मामले में शादी कराने के लिए ददाल की भूमिका में रहा कांतिलाल माली कुछ दिन पहले ही पिंडवाड़ा के पंकज हत्याकांड में गिरफ्तार हो चुका है। कांतिलाल ने हत्या करने के लिए सुपारी ली थी। नितोड़ा के दिनेश कुमार ने बताया कि कांतिलाल पुत्र सोनाराम माली से उसके व उसके परिवार का संपर्क था, इसलिए कांतिलाल से उसने शादी की बात कही थी। इस पर कांतिलाल ने ही लड़की को दिखाया था।आरोपी दुल्हन का फोटो तक नहीं
दिनेश कुमार ने बताया कि गत 9 फरवरी को कांतिलाल माली ने लड़की और उसके परिजनों से सरूपगंज कस्बे के रामेश्वर महादेव मंदिर में मिलाया था। मंदिर में ही शादी की पूरी बात और रुपए तय किए। दूसरे दिन ही सिरोही के सारणेश्वर महादेव मंदिर में उसकी शादी मोनिका से करवाई और रुपए लिए। इसके बाद वह दुल्हन मोनिका को लेकर शाम 4 बजे नितौड़ा आया, लेकिन मोनिका रात को ही करीब 11 बजे घर से बहाना बनाकर निकल गई, जिसका आज तक कोई सुराग नहीं मिला।
रात में दुल्हन के वेश में हुई गायब
शादी रचाने के बाद उसी दिन शाम 4 बजे ही दिनेश कुमार पत्नी मोनिका को लेकर घर पहुंचा। यहां पर नई दुल्हन की आवभगत में कोई कमी नहीं रखी। गृह प्रवेश कराने के साथ ही कई रस्मों-रिवाज भी निभाए गए। रात 11 बजे मोनिका घर से ही कुछ बहाना करके दुल्हन के वेश में ही गायब हो गई। काफी खोजबीन के बाद भी उसका सुराग नहीं लगा। इस पर दिनेश ने मोनिका, उसके पिता चमनाराम, कांतिलाल व दो अन्य के खिलाफ शादी का झांसा देकर उसकी शादी करवाकर उससे तीन लाख अस्सी हजार रुपए हड़पकर उसके साथ अमानत में खयानत कर आपराधिक षड्यंत्र रचकर धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज करवाया।