महिला को नदी में डूबते देखते रहे सैंकड़ों लोग, सेना के साहसी जवान ने बचा ली जिंदगी
जयपुर। शहर के रहने वाले भारतीय सेना के एक हवलदार ने साहस दिखाते हुए असम में पोस्टिंग के दौरान नदी में डूब रही एक महिला की जान बचा ली। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद हवलदार को उनके आर्मी के अफसरों ने भी फोन कर बधाई दी। मामला सामने आने पर भास्कर मोबाइल एप के रिपोर्टर ने असम में पदस्थापित आर्मी के हवलदार अशोक भाकर से फोन पर बातचीत कर घटना के बारे में जानकारी ली। जिसमें हवलदार अशोक भाकर ने बताया कि वे जयपुर में सिरसी रोड पर पांच्यावाला स्थित जनक विहार कॉलोनी के रहने वाले है। वह नौवीं जाट रेजीमेंट में हवलदार के पद पर है। पिछले कुछ अरसे से असम के बरपेटा शहर में पदस्थापित है।
कैंप में मौजूद हवलदार को बाइक चालक ने दी सूचना
हवलदार अशोक के मुताबिक रविवार शाम को वे अपने कैंप में मौजूद थे। तभी बाइक सवार एक युवक उनके कैंप तक पहुंचा। उसने बताया कि पादबाशी ब्रिज से गुजर रही एक महिला अचानक तेज बहाव वाली नखंडा नदी में गिर गई है। वह डूब रही है। लेकिन उसकी जान बचाने वाला कोई नहीं है। ऐसे में अशोक व उनके साथी सूबेदार लायकराम तत्काल उसी बाइक सवार के साथ करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित घटनास्थल पर पहुंचे। वहां सैंकड़ों की संख्या में मौजूद लोग नदी में डूब रही महिला की जान बचाने के बजाए मोबाइल फोन से रिकॉर्डिंग करने में लगे थे।
पब्लिक मोबाइल से वीडियो बनाने में जुटी थी, फौजी ने नदी में लगा दी छलांग
ऐसे में हवलदार अशोक भाकर ने बिना वक्त गवाएं नखंडा नदी में छलांग लगा दी और तेजी से तैरते हुए नदी में डूब रही महिला तक पहुंचे। उन्होंने महिला को पकड़ा और फिर उसे किनारे तक ले आए। जहां उनके साथी सुबेदार लायकराम भी रस्सी की सहायता से नदी में उतर गए। इस दौरान कुछ स्थानीय युवक मदद को आगे आए और फिर मशक्कत कर महिला को बाहर निकाला। वहां मौजूद महिलाओं ने उसे संभाला। फिर पुलिस को सूचना दी।
आर्मी के अधिकारियों, महिला के परिवार व लोगों ने भी दी शाबासी
वहां मौजूद लोगों ने आर्मी जिंदाबाद के नारे लगाए और हलवदार अशोक भाकर व उनके साथी को शाबासी दी। इस बीच वीडियो भी वायरल हो गया। जो कि वहां मीडिया में आ गया। तब आर्मी के अधिकारियों तक भी हवलदार अशोक बहादुरी का वाकया पहुंचा तो उन्हें बधाई दी। जानकारी के अनुसार करीब 40 वर्षीया महिला पादबासी कस्बे में माजकूची गांव की रहने वाली थी। उसे उसके परिवार को सौंप दिया। परिवार ने भी सैनिकों का आभार जताया।